जनकपुरधाम, २५ साउन । घर घर नाग देवताक पुजा क नाग पञ्चमी पर्व भक्ति एवं श्रद्धा पूर्वक मनाओल जारहल अछि ।
नाग पञ्चमीक दिन आई हिन्दु धर्मावलम्बिसभ अपन घरक मुख्य द्वारपर नागदेवके चित्र साईट घरक चारूकात गाईके गोबर स नाग बना पुजा अराधना कएने अछि ।
श्रावण कृष्ण पक्ष पञ्चमी तिथीक दिन मनाओल जाएबला मौना पञ्चमी सिमीत जाईत मात्र मनबैत छथि त४ मौना पञ्चमीक ठिक १५ दिन वाद परएबला पञ्चमीके मनाओल जाएबला नाग पञ्चमी बारहोबरण मनबैत अएलाक कारणे आई घर घर नाग देवके पुजा अराधना कएल जारहल अछि ।
नाग पञ्चमीक दिन कुल देवताके पातरि सेहो देल जाईत अछि त४ नेपाल–भारतक विभिन्न स्थानमे रहल बिषहरा मन्दिरसबमे श्रद्धालुसब भव्य रूप स४ पुजा अराधना करैत छथि ।
अहि बिच नाग पञ्चमिक अवसरपर धार्मिक नगरी जनकपुरधामक जानकी मन्दिरके दक्षिणवारीकात नागदेवके माईटक स्वरूप राईख पुजा अराधना कएल जारहल अछि ।
तहिना मोत्तरीक डाम्हीमे रहल दुर्गा बिषहरा मन्दीरमे सेहो बिगतेके बर्षसबजका अहु बर्ष भव्य रूप स पुजा अराधना कएल जारहल अछि ।
नाग पञ्चमीक दिन नाग के पुजा आ नागको चित्र बनेलापर वर्षभरी घरमे साँप आ बिच्छीलगायत जीवस बचके संगही अग्नि, मेघ आ ठनकाके भयस सेहो बैच सकबाक धार्मिक विश्वास अछि ।
नाग पूजाके प्रचलन वैदिक काले स सुरु भेल तथा वैदिक मान्यतानुसार नागके साँपक राजा मानलगेल अछि । नाग देव पितेताह त पाईनक सेहो अभाव होएबाक मान्यता अनुसार पाईनक लेल सेहो नागदेवके प्रशन्न करबाक हेतु आजुक दिन पुजा अराधना कएल जाईत अछि ।












