केपी रिपोर्टर, निभा झा
जनकपुरधाम, ९ असार । प्रतेक बर्ष श्रावण मासमे मिथिलानीसब द्वारा मनाओल जाएबला मधुश्रावणी पावनिके तयारी पूरा भेल अछि ।
मिथिलाञ्चलमे प्रतेक बर्ष श्रावण मासक कृष्ण पक्ष मौनापंचमी स श्रावण मास शुक्ल पक्ष तितृया धैर लगातार तेर दिन मनाओल जाएबला मधुश्रावणी पावनि के पवनैतिनसब तयारी पूरा कएने अछि ।
अहि बर्षक मधुश्रावणी पावनि साओन –१० गत्ते यानी काईल्ह बृहस्पति दिन स, सुरू होएत । नव विवाहिता सभक लेल विशेष मानलगेल मधुश्रावणी पावनिके पवनैतिनसब बुध दिन पावनि निमित्त आवस्यक सामग्री सभक ओरीयाओन कएने अछि ।
नव विवाहितासब पहिल मधुश्रावणी खास क नैहरेमे पुजबाक मिथिलाक परम्परा अनुसार पवनैतिनसब नैहरेमे पुजैत अछि त पावनि पुजबाक लेल डाला,फुलडाली,लिली डाली,पनपथिया,पातिल,गौरीनैवेद,माईटक हाथी,नाग,मानक पात जाहिजुही,आँक,धथुर तथा रंगबिरंगक फुतपातसभक ओरीयाओन कएने अछि ।
लगातार तेर दिनधैर सासुरेके अरवे–अरवाईन अन्न खाक पुजल जाएबला मधुश्रावणी पावनिमे सासुर पक्ष पवनैतिनके लेल नव बस्त्र,पुजन सामग्री आ अरवे–अरवाईन अन्न भारपन क पठबैत अछि ।
साउन महिना आध्यात्मिक महिना होबएके संगही धर्म ग्रन्थमे साउन महिनाके मधुमासके रूपमे स्वीकारब तथा वर्षा ऋतुमे साँपके भूमिमा आगमन आ विचरण स मानव जीवन त्रस्त होबएके संगही नाग–नागिन आ प्रकृतिके प्रतीक रहलाक कारण स सेहो प्रेरित मधुश्रावणी पावनि मुख्यतः शिव, पार्वती तथा नाग–नागिनीके पूजा पर केन्द्रित रही मनाओल जाईत अछि ।












